दुध का महत्व -
दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। विभिन्न पशुओं का दूध अपने अलग-अलग गुणों और स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है बल्कि कई रोगों से बचाव और उपचार में भी सहायक होता है। गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊंटनी, घोड़ी, गधी और हथिनी के दूध का उपयोग अलग-अलग स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार किया जाता है। प्रत्येक दूध की अपनी विशिष्ट तासीर, पोषण मूल्य और औषधीय गुण होते हैं, जो शरीर की आवश्यकताओं के अनुसार लाभ पहुंचाते हैं। इस लेख में विभिन्न पशुओं के दूध के गुणों और उनके स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
गाय का दूध-
गाय के दूध में विटामिन ए, बी, सी, डी और ई पाए जाते हैं, जो शरीर का पोषण कर निर्बलता को दूर करने में सहायक होते हैं। यह जल्दी हजम होने वाला दूध है और खांसी, जीर्ण ज्वर, दमा, प्रमेह तथा सूजाक जैसे रोगों में लाभकारी होता है। रोगियों के लिए गाय का दूध सर्वोत्तम माना जाता है। धारोष्ण दूध को शहद के साथ सेवन करने से यह ताकत, बुद्धि और वीर्य को बढ़ाने में सहायक होता है। दूध को हमेशा हल्का गुनगुना करके ही पीना चाहिए क्योंकि अधिक उबालने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। दूध को जन्तु रहित और वायुप्रकृति को कम करने के लिए उबालना आवश्यक होता है। दूध पर आई मलाई गरिष्ठ, शीतल, तृप्तिदायक और पुष्टिदायक होती है, लेकिन यह कफ बढ़ाने वाली भी होती है। दूध में गुड़ मिलाकर पीने से यह मूत्र संबंधी रोगों को दूर करता है, लेकिन यह कफ और पित्त को बढ़ा सकता है।
दूध को रात में पीना अधिक लाभकारी होता है, क्योंकि यह बुद्धिवर्धक, क्षयनाशक और वृद्धों के लिए वीर्यवर्धक होता है। गाय के दूध में कुछ बूंदें कागजी नींबू का रस डालकर पीने से बवासीर में लाभ मिलता है, जबकि सोंठ का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग में राहत मिलती है। दूध पीने के बाद दही या खटाई का सेवन नहीं करना चाहिए। यह उच्च रक्तचाप को कम करने, कोलेस्ट्रॉल घटाने और कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने में सहायक होता है। यह संक्रामक रोगों से भी हमारी रक्षा करता है और पेप्टिक अल्सर, कैविटीज तथा ब्रोंकाइटिस से बचाव करता है। दूध में मौजूद तत्व मस्तिष्क के रसायनों को सक्रिय करते हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। नियमित रूप से दो से तीन गिलास दूध पीने से कोलन कैंसर से लड़ने की क्षमता मिलती है। शारीरिक श्रम करने वालों के लिए छालीदार दूध लाभदायक होता है, जबकि अन्य लोगों के लिए गैर-छालीदार दूध अधिक उपयुक्त होता है।
बकरी का दूध
बकरी का दूध विशेष रूप से टीबी के रोगियों के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके सेवन से पहले चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक होता है। छोटे बच्चों के लिए बकरी का दूध अत्यधिक लाभकारी और पथ्य माना जाता है।
भेड़ का दूध
भेड़ के दूध में विटामिन ए, बी, सी और डी पाए जाते हैं। यह दूध गर्म और नमकीन प्रकृति का होता है और पथरी तथा फेफड़ों के घावों के इलाज में सहायक होता है। दूध में बादाम का तेल मिलाकर पीने से पुरुषों की शक्ति बढ़ती है, जबकि खून की उल्टी की समस्या में भी यह लाभकारी होता है। हालांकि, इसका अधिक सेवन शरीर में विशिष्ट गंध उत्पन्न कर सकता है और सिर में जूं पड़ने की समस्या हो सकती है।
भैंस का दूध
भैंस के दूध में विटामिन बी, सी, डी और ई मौजूद होते हैं। यह अत्यंत बलवर्धक होता है, नींद लाने में सहायक होता है और शरीर को मोटा करने में मदद करता है। यह गाय के दूध की तुलना में अधिक चिकना और भारी होता है।
ऊंटनी का दूध
ऊंटनी का दूध भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसकी तासीर गर्म होती है और स्वाद में यह हल्का खारा होता है। यह उदर रोगों और बवासीर में फायदेमंद होता है, लेकिन यदि दूध में गंध आने लगे, खट्टा हो जाए या उसका रंग हल्का पीला हो जाए तो उसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऊंटनी का दूध वात और कफ से होने वाले रोगों, कृमि, उदर शोथ और बवासीर के उपचार में उपयोगी होता है।
घोड़ी का दूध
घोड़ी और अन्य एक-खुर वाले पशुओं का दूध शरीर को शक्ति प्रदान करता है और स्थिरता उत्पन्न करता है। इस दूध का स्वाद हल्का खट्टा और नमकीन होता है।
गधी का दूध
गधी का दूध बच्चों के लिए बलदायक माना जाता है और यह खांसी में भी लाभकारी होता है। यह छोटे बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
हथिनी का दूध
हथिनी के दूध के सेवन से शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है, लेकिन यह पाचन के लिए भारी होता है और शरीर में स्थिरता लाता है।
निष्कर्ष-
दूध एक संपूर्ण आहार है, जो न केवल पोषण प्रदान करता है बल्कि कई रोगों से बचाव और उपचार में भी सहायक होता है। विभिन्न पशुओं के दूध में अलग-अलग प्रकार के विटामिन, खनिज और औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। गाय का दूध रोगियों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जबकि भैंस का दूध अधिक बलवर्धक होता है। बकरी और भेड़ का दूध कुछ विशेष बीमारियों के लिए लाभकारी होता है, वहीं ऊंटनी, घोड़ी और गधी का दूध भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। दूध का सही तरीके से सेवन करने से यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है। अतः, व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उचित दूध का चयन करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना चाहिए।
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